
मन अच्छा - अच्छा लगा
जैसा की हो जाता है
कभी - कभी
होठों पे मुस्कराहट
फ़ैल रही थी यूं ही
हर किसी से बात करना
अच्छा लग रहा था
पानी नही आ रहा था
फिर भी गुस्सा नही आया
हर पल के साथ एक
सुकून मिल रहा था दिल को
अचानक ही मै हँस पडी
बेवजह ही
ये बेवजह हँसी काफी गहराई तक
ठंढक पहुँचा गयी
जिसका अहसास कई दिनों तक
कम नही हुआ
सुकून के पल ऐसे ही आते है
बेवजह हँसी बन
बिना बताये अचानक
संजो कर रखा उसे
अगली बेवजह हँसी के आने तक
Surprise !
ReplyDeleteReally Surprised....
Most Beautiful Blog....
Best Wishes
Kshitij
ये बेवजह की हंसी भी एक देन है उपर वाले की जो किसी किसी को नसीब होती है. आप इस तरह से अनजान बन कर क्यो पेश हैं.
ReplyDeleteaayi hai hansi kai baar bewajah
ReplyDeletetumse milker laga vajah mil gai
bevajah hansne ki ....
apni yah rachna vatvriksh ke liye bhejen rasprabha@gmail.com per